🌹यह मंदिर देवराज इंद्र ने बनवाया था - करोड़ो साल पहले🌹 🌹मीनाक्षी अम्मा मंदिर - इसी मंदिर में शिव विवाह हुआ था🌹 मीनाक्षी मंदिर, मदुरई - जिसके आगे दुनिया की प्रत्येक सुंदर से सुंदर चीज कुछ नही ... "कांची तु कामाक्षी, मदुरै मिनाक्षी, दक्षिणे कन्याकुमारी ममः शक्ति रूपेण भगवती ।। नमो नमः नमो नमः।। अर्थात , शक्ति का कांची ने नाम कामाक्षी जी, मदुरई में मीनाक्षी, दक्षिण में कन्याकुमारी । यहां के लोगो की मान्यता है, की भगवान शिव का विवाह इसी मंदिर में हुआ था । मां का यह विशाल भव्य मंदिर तमिलनाडू के मदुरै शहर में है। यह मंदिर मीनाक्षी अम्मन मंदिर प्राचीन भारत के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है। माँ मीनाक्षी का यह अम्मन मंदिर को विश्व के नए सात अजूबों के लिए नामित किया गया है। इस मन्दिर का स्थापत्य एवं वास्तु आश्चर्यचकित कर देने वाला है, जिस कारण यह आधुनिक विश्व के सात आश्चर्यों की सूची में प्रथम स्थान पर स्थित है, एवं इसका कारण इसका विस्मयकारक स्थापत्य ही है। इस इमारत समूह में 12 भव्य गोपुरम हैं, जो अतीव विस्तृत रूप से शिल्पित हैं। इन पर बडी़ महीनता एवं कुशलतापूर्व...
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कुतुबुद्दीन ऐबक घोड़े से गिर कर मरा था यह तो सब जानते हैं, लेकिन कैसे .....? यह आज हम आपको बताएंगे.. वो वीर महाराणा प्रताप जी का 'चेतक' सबको याद है, लेकिन 'शुभ्रक' नहीं! तो मित्रो आज सुनिए कहानी 'शुभ्रक' की...... कुतुबुद्दीन ऐबक ने राजपूताना में जम कर कहर बरपाया, और उदयपुर के 'राजकुंवर कर्णसिंह' को बंदी बनाकर लाहौर ले गया। कुंवर का 'शुभ्रक' नामक एक स्वामिभक्त घोड़ा था, जो कुतुबुद्दीन को पसंद आ गया और वो उसे भी साथ ले गया। एक दिन कैद से भागने के प्रयास में कुँवर सा को सजा-ए-मौत सुनाई गई.. और सजा देने के लिए 'जन्नत बाग' में लाया गया। यह तय हुआ कि राजकुंवर का सिर काटकर उससे 'पोलो' (उस समय उस खेल का नाम और खेलने का तरीका कुछ और ही था) खेला जाएगा.. . कुतुबुद्दीन ख़ुद कुँवर सा के ही घोड़े 'शुभ्रक' पर सवार होकर अपनी खिलाड़ी टोली के साथ 'जन्नत बाग' में आया। 'शुभ्रक' ने जैसे ही कैदी अवस्था में राजकुंवर को देखा, उसकी आंखों से आंसू टपकने लगे। जैसे ही सिर कलम करने के लिए कुँवर सा की जंजीरों को खोला गया, तो ...
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✍️✍️ ☘️ *आपकी राय कितनी खोखली हो सकती है ??* *मान लो आप धूप में कही जा रहे हो, पसीने से तर-बतर , बहुत प्यासे , पर कहीं भी पानी नहीं मिल रहा। ऐसे में आप एक वृक्ष की छाया में थकान मिटाने के लिए खड़े हो जाते हो!* तभी आपकी निगाह सामने चार मंजिला मकान पर जाती है।मन मे ख्याल आता है .. (1) *साले ..लोगों को लूटकर करोड़पति हो रहे हैं* *तभी अचानक इमारत की चौथी मंजिल की खिड़की खुलती है और आपकी उस व्यक्ति से आँखे मिलती है। आपकी स्थिति देखकर, वह व्यक्ति हाथ के इशारे से आपको पानी के लिए पूछता है।* आपने तत्काल उस व्यक्ति पर एक राय बनाई। (2) *कितना सहृदय व्यक्ति है।। उस व्यक्ति के लिये यह आपकी दूसरी राय है!* *आदमी नीचे आने का इशारा करता है और खिड़की बंद कर देता है।आप पानी लेने तेज़ कदमों से उसके दरवाज़े पर पहुंचते है।।लेकिन नीचे का दरवाजा 15 मिनट बाद भी नहीं खुलता*। *अब उस व्यक्ति के बारे में आपकी क्या राय है?* आप उसे मन ही मन गालियां देते है। (3) *धोकेबाज, बेवकूफ, उल्लू का पट्ठा, ढीला, आलसी, कही का।* *यह आपकी तीसरी राय है!* *थोड़ी ...