क्या आपने कभी किसान को परिश्रम करते देखा है यदि नहीं देखा है तो देखिए गौर से उसका अध्ययन कीजिए आप पाएंगे कि वह कठोर से कठोर परिश्रम करता है थक पर बुरी तरह टूट जाता है किंतु तब भी मुस्कुराता रहता है थकने पर भी व थकने का नाम नहीं लेता कभी नहीं कहता कि मैं थक गया हूं परिश्रम करने के बाद जब वह अपने किए काम पर नजर डालता है तो संतोष की मुस्कान उसके होंठों पर थिरकने लगती है जब वह अपने खेत में हरी भरी फसल देखता है तो उसका रोम-रोम मुस्कुराने लगता है वह सारी तकलीफ है भूल जाता है इसलिए कहते हैं परिश्रम का फल मीठा होता है
स्वतंत्र विचार शक्ति वाले व्यक्ति अंधकार में भी प्रकाश ढूंढ लेते हैं ऐसे व्यक्ति से बातचीत करने पर संतोष का अनुभव होता है दूसरे प्रकार के वे व्यक्ति होते हैं जिनका व्यक्तिवित्त उल्टे दर्पण के समान होता है ऐसी स्थिति में जो भी व्यक्ति उनसे मिलता है वह उन्हीं की भात निराश हताश का अनुभव करने लगता है
एक दिन एक आदमी ने मुझसे पूछा जो मुश्किल आसान नहीं हो सकती उसके लिए क्या करना चाहिए हमने कहा की जो आदमी मुश्किल को मुश्किल समझता है उसकी जिंदगी मौत से गई बिति है ! मुश्किल एक ऐसी पहली है जो इंसान का इम्तिहान लेती है
हमारा मन बहुत चंचल है परंतु उसे सदा अपने बस में रखें ताकि उस पर शासन कर सकें परंतु इसके लिए मन को संस्कृत बनाना होगा अपने मन को सुंदर पदार्थों की ओर लगाएं मृत्यु बीमारी और कष्टों के विचार से हटाकर स्वास्थ्य और सुख के विचारों को मन में स्थान दें सदा अपने मन में निराशा और उदासीनता के विचारों को मुक्त रखना चाहिए
संघर्ष से घबडाए नहीं,बल्कि डटकर मुकाबला करें!! क्योंकि-संघर्ष ही जीवन है---- *सलाह हारे हुये की*,, *तजुर्बा जीते हुये का*,, *दिमाग (वुद्धि) खुद और प्रभु की कृपा कभी,इंसान को पराजित नही होने देता!!* जयश्री सीताराम!!🙏 परमानंद
मनुष्य संसार का श्रेष्ठ प्राणी है उसमें असीम शक्ति है वह सब कुछ कर सकता है पहाड़ पर चढ़ सकता है हवा में उड़ सकता है सागर की गहराइयों को नाप सकता है आकाशगंगा में अन्य ग्रहों का जा सकता है अपनी इस मानव शक्ति का अनुभव करिए आप में एक अनोखी शक्ति छिपी बड़ी है लेकिन वह लुप्त है सो रही है उसे जगाइए उठिए अपनी इस शक्ति का उपयोग करिए