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2025 विदाई समारोह

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 2025  आज 2025 विदा ले रहा है। यह वर्ष केवल समय का एक पन्ना नहीं, बल्कि जीवन की पुस्तक का एक ऐसा अध्याय रहा, जिसने बहुत कुछ अकल्पनीय, अवर्णनीय और अविस्मरणीय दिया। जो सोचा भी नहीं था, वह मिला। जो चाहा नहीं था, उसने भी कुछ सिखाया। हर परिस्थिति में परमात्मा की विशेष कृपा स्पष्ट रूप से अनुभव होती रही। कभी संघर्ष आया, कभी समाधान। कभी मौन रहा, कभी कृतज्ञता के आँसू। पर हर मोड़ पर यह अनुभूति बनी रही कि हम अकेले नहीं हैं — कोई अदृश्य हाथ निरंतर मार्गदर्शन कर रहा है। इस वर्ष ने विश्वास को गहराया, धैर्य को परिपक्व किया और जीवन को देखने की दृष्टि को और पवित्र बनाया। इसके लिए ईश्वर को कोटि-कोटि धन्यवाद 🙏 अब जब हम नए वर्ष की दहलीज़ पर खड़े हैं, तो मन से यही प्रार्थना निकलती है— 🌼 आने वाला वर्ष सबके लिए मंगलमय हो 🌼 हर घर में स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव हो 🌼 हर मन में आशा, विश्वास और करुणा का वास हो 🌼 और जीवन का हर कदम सत्पथ की ओर बढ़े 2025, तुम्हें ससम्मान विदा। जो दिया, उसके लिए कृतज्ञता। जो सिखाया, उसके लिए नमन। ईश्वर सबका कल्याण करें। सर्वे भवन्तु सुखिनः। नया वर्ष शुभ हो।  परमानन...
यदि आप अपने ज्ञान को बहुमूल्य तथा उपयोगी बनाना चाहते है तो अपनी बुद्धि का व्दार प्रसन्नता से खोल दीजिए  प्रसन्नचित व्यक्ति जहा कही भी जाता है वहा अपना प्रभाव छोड़ आताहै

15 8 2025

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परानी यादे

 जब हम स्कूल में पढ़ते थे.......उस स्कूली दौर में होल्डर पेन का जिसे स्याही में डुबोकर चलाया जाता था...उसका अंतिम चरण था और निब वाले फाउंटेन पेन का चलन जोरों पर था.......!(बॉल पेन भी था जिसे डांट पेन भी कहा जाता था उसे उपयोग करनी की इजाजत हमें स्कूल में नहीं थी...पिटाई हो जाती थी....) तब कैमलिन की स्याही प्रायः हर घर में मिल ही जाती थी......कोई कोई टिकिया से स्याही बनाकर भी उपयोग करता था और बुक स्टाल पर शीशी में स्याही भर कर रखी होती थी 5 पैसा दो और ड्रापर से खुद ही डाल लो ये भी सिस्टम था.........जिन्होंने भी पैन में स्याही डाली होगी वो ड्रॉपर के महत्व से  भली भांति परिचित होंगे.......!  कुछ लोग ड्रापर का उपयोग कान में तेल डालने में भी करते थे....... महीने में दो-तीन बार निब पैन को खोलकर उसे गरम पानी में डालकर उसकी सर्विसिंग भी की जाती थी और  लगभग सभी को लगता था की निब को उल्टा कर के लिखने से हैंडराइटिंग बड़ी सुन्दर बनती है....... सामने के जेब मे पेन टांगते थे और कभी कभी स्याही लीक होकर सामने शर्ट नीली कर देती थी जिसे हम पौंक देना कहते थे......कापी में पौंक देने पर हम...

🚩 ब्राह्मण🚩

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ब्राह्मण में ऐसा क्या है कि सारी दुनिया ब्राह्मण के पीछे पड़ी है। इसका उत्तर इस प्रकार है। रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदासजी ने लिखा है कि भगवान श्री राम जी ने श्री परशुराम जी से कहा कि  → "देव  एक  गुन  धनुष  हमारे।  नौ गुन  परम  पुनीत तुम्हारे।।" हे प्रभु हम क्षत्रिय हैं हमारे पास एक ही गुण अर्थात धनुष ही है आप ब्राह्मण हैं आप में परम पवित्र 9 गुण है- ब्राह्मण_के_नौ_गुण :- रिजुः तपस्वी सन्तोषी क्षमाशीलो जितेन्द्रियः। दाता शूरो दयालुश्च ब्राह्मणो नवभिर्गुणैः।। ● रिजुः = सरल हो, ● तपस्वी = तप करनेवाला हो, ● संतोषी= मेहनत की कमाई पर  सन्तुष्ट, रहनेवाला हो, ● क्षमाशीलो = क्षमा करनेवाला हो, ● जितेन्द्रियः = इन्द्रियों को वश में रखनेवाला हो, ● दाता= दान करनेवाला हो, ● शूर = बहादुर हो, ● दयालुश्च= सब पर दया करनेवाला हो, ● ब्रह्मज्ञानी,         श्रीमद् भगवत गीता के 18वें अध्याय के 42श्लोक में भी ब्राह्मण के 9 गुण इस प्रकार बताए गये हैं- " शमो दमस्तप: शौचं क्षान्तिरार्जवमेव च। ज्ञानं विज्ञानमास्तिक्यं ब्रह्म कर्म स्वभावजम्...
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जय श्री कृष्ण