करनेवाल कोई और
प्रारब्ध फल एक सड़क पर बड़ी तेज धूप थी | उस पर एक बैलगाड़ी अपनी मन्द गति से चली जा रही थी | गाड़ी पर बहुत सा बोझा लदा हुआ था | गाड़ीवान भी मस्त गाड़ी पर छाया करके आराम कर रहा था | सुनसान सड़क पर कहीं से एक कुत्ता आ गया | वह भी उसी ओर जा रहा था जिधर को गाड़ी जा रही थी | कुत्ते को जब तेज धूप लगने लगी तो सोचा कि कैसे धूप की गर्मी से बचा जाय | तो कुत्ते ने सोचा कि इसी बैलगाड़ी के नीचे हो जांय तो धूप न लगेगी | कुत्ता बैलगाड़ी के नीचे हो गया | अब बैलगाड़ी अपनी गति से जा रही थी | कुत्ता भी उसी गति से गाड़ी के नीचे नीचे उसकी छाया में जा रहा था | कुछ देर तक इसी प्रकार चलते चलते कुत्ते को लगने लगा कि वह खुद पूरी बैलगाड़ी को अपने ऊपर लिए हुए है | वह खुद पूरा बोझ उठाये हुये है | वह खुद सारे बोझ के साथ चल रहा है वह खुद बोझ से दबा जा रहा है | जब इस प्रकार की भावना के वशीभूत कुत्ता चल रहा था तभी वह बैल के पैरों के निकट पहुँच गया | बैल ने जो एक लात मरी तो कुत्ता छटक कर दूर जा गिरा | पें पें चिल्लाने लगा | तब उसने देखा कि गाड़ी तो अब भ...